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लखनऊ/बलिया। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज होने के साथ ही राजनीतिक दलों ने संगठन को मजबूत करने और संभावित प्रत्याशियों के नामों पर मंथन शुरू कर दिया है। इसी क्रम में 31 अगस्त को लखनऊ स्थित बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश कार्यालय में मायावती की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक चर्चा में रही।
बैठक में संभावित विधानसभा प्रत्याशियों और पार्टी पदाधिकारियों को बुलाया गया था। इस दौरान दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस युकेश सिंह की मौजूदगी ने बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया।
बैठक की शुरुआत दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने और दो मिनट का मौन रखने के साथ हुई। इसके बाद 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा हुई।
उमाशंकर सिंह रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक रहे और बसपा के प्रमुख नेताओं में उनकी गिनती होती थी। 5 अगस्त को उनके निधन के बाद यह सवाल लगातार उठ रहा है कि उनकी राजनीतिक विरासत को आगे कौन संभालेगा।
युकेश सिंह अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे हैं। वह अपने पिता की कंपनी CS इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड में CEO की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में बसपा की इस अहम बैठक में उनकी मौजूदगी को राजनीतिक हलकों में संभावित सियासी सक्रियता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
इससे पहले उमाशंकर सिंह के निधन के बाद मायावती उनके आवास पर पहुंची थीं। उस दौरान उन्होंने परिवार की इच्छा होने पर उनके बेटे को राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर देने की बात कही थी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बसपा 2027 के विधानसभा चुनाव में रसड़ा सीट से उमाशंकर सिंह की राजनीतिक विरासत उनके बेटे युकेश सिंह को सौंपने की तैयारी कर रही है?
फिलहाल, बसपा प्रदेश कार्यालय की बैठक में युकेश सिंह की मौजूदगी ने रसड़ा की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी को लेकर पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

